माडोदी जाटान गांव का इतिहास बहुत पुराना है| करीब ४०० साल पहले बम्बाला से यहाँ पर कुछ लोग आकार बसे लेकिन २०३ साल पहले वो इस गांव को छोड कर बेरी और चुलाना गांव में चेले गए|

माडोदी जाटान गांव का इतिहास बहुत पुराना है| करीब ४०० साल पहले बम्बाला से यहाँ पर कुछ लोग आकार बसे लेकिन २०३ साल पहले वो इस गांव को छोड कर बेरी और चुलाना गांव में चेले गए|

माडोदी जाटान गांव का इतिहास बहुत पुराना है| करीब ४०० साल पहले बम्बाला से यहाँ पर कुछ लोग आकार बसे लेकिन २०३ साल पहले वो इस गांव को छोड कर बेरी और चुलाना गांव में चेले गए|

 

माडोदी जाटान गांव

माडोदी जाटान गांव का इतिहास बहुत पुराना है| करीब ४०० साल पहले बम्बाला से यहाँ पर कुछ लोग आकार बसे लेकिन २०३ साल पहले वो इस गांव को छोड कर बेरी और चुलाना गांव में चेले गए| १८८९ में वे लोग दोबारा आये और अपने साथ मामन खेडा सहरावत जाती के लोगों को भी लाए| ६३० साल पहले तेजू बनिया की पत्नी सती अपने पति के साथ यहीं पर सति हुई थी| जिनको माता सति के नाम से जाना जाता है|